RBI ने 500 रुपये नोट के बारे में बैंकों को किया नया निर्देश जारी

RBI ने 500 रुपये नोट के बारे में बैंकों को किया नया निर्देश जारी

RBI give info about Rs 500 Rs Note : देश में जब से नोटबंदी हुई है तब पुराने सभी नोट बंद कर दिए गए थे।साथ ही देश में नए नोटों को छपाई हुई थी और नए नोट जारी किए गए थे। इन्हीं नोटों में 500 रूपये के भी नोट शामिल थे। लेकिन उसके बाद से ही लोग इसी तरह के नकली नोट छाप कर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देते रहें है। वहीं अब RBI ने इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए ग्राहकों को 500 रुपये के नोट से जुड़ी जानकारी दी है। इस मामले में RBI ने बैंकों को भी निर्देश देते हुए एक बयान जारी किया है।

RBI ने दिए बैंको को निर्देश

आप जानतें ही होंगे की भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का काम देशभर में बैंकिंग से जुड़ी सभी गतिविधियों पर नजर रखना है। RBI समय-समय पर अपने ग्राहकों को सचेत करता करती रहती है। वहीं, अब जब पिछले कुछ समय से देशभर में 500 रुपये के नकली नोट और फेक करेंसी की खबरें बढ़ती जा रही हैं। इस बात को मद्देनजर रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोट को लेकर एक बयान जारी किया है। इस बयान में RBI ने बैंकों को निर्देश दिए है RBI इस बयान में बैंक को हर तीन महीने में सटीकता और स्थिरता के लिए अपनी नोट छंटाई मशीनों का टेस्ट करें। इसके बैंक यह सुनिश्चित करें प्रिटेंड नोट तय मापदंडों के अनुसार हैं या नहीं।

RBI ने मानक भी किए निर्धारित

बताते चलें, इन आदेशों के साथ ही RBI ने नोटों की सही कंडीशन के लिए 11 मानक भी निर्धारित किए हैं। साथ ही बैंकों को नोट सॉर्टिंग मशीनों के बजाय नोट फिट सॉर्टिंग मशीनों का उपयोग करने का निर्देश दिया है। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने सर्कुलर में कहा हैं कि, ‘एक फिट नोट वह होता है, जो जेन्यूइन हो, क्लिर यानी साफ सुथरा हो ताकि इसकी वैल्यु का आसानी से पता लगाया जा सके और जो रीसाइक्लिंग के लिए उपयुक्त हो। अनफिट नोट वह है जो अपनी फिजिकल कंडीशन के कारण रीसाइक्लिंग के लिए उपयुक्त नहीं है। कई अनफिट नोट चेन ऐसे हैं जिसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा फेजवाइज समाप्त कर दिया गया है।

RBI ने नोट प्रोसेसिंग को लेकर दिए निर्देश

RBI ने बैंकों को निर्देश दिया कि, नोट प्रोसेसिंग मशीन/नोट सॉर्टिंग मशीन समय-समय पर प्रामाणिकता की जांच करेगी। कोई भी नोट जिसमें असली नोट की सभी विशेषताएं नहीं पाई जाती हैं, उसे मशीन द्वारा संदिग्ध/अस्वीकार के रूप में क्लासिफाइड किया जाएगा। वहीं, सर्कुलर में कही गई बात के अनुसार, बैंकों को हर तीन महीने में करेंसी नोटों की फिटनेस रिपोर्ट आरबीआई को भेजनी होगी। बैंकों को अनुपयुक्त पाए गए नोटों की संख्या और उचित मेंटेनेंस के बाद फिर से जारी किए जा सकने वाले नोटों के बारे में आरबीआई को सूचित करना होगा।

खबर Source rajexpress.co

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