Google Doodle 19 July 2022: कौन है बालमणि अम्मा, जिनके जन्मदिन पर आज गूगल ने बनाया खास डूडल, या जानिए सम्पूर्ण जानकारी…!

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Google doodle celebrate Balamani Amma Birthday: गूगल ने आज मलयालम साहित्यकार बालमणि अम्मा (Balamani Amma) के 113 वें जन्मदिन पर खास डूडल तैयार किया है, इस डूडल को केरल के आर्टिस्ट देविका रामचंद्रन ने तैयार किया है. बालमणि अम्मा को मलयालम साहित्य की ‘दादी’ अम्मा (Grandmother of Malayalam Literature) नाम से भी जाना जाता है.

बालमणि अम्मा इन पुरस्कार से नवाजी गई है

बता दें की केरल के त्रिशूर जिले में 1909 में जन्मी बालमणि अम्मा अपने साहित्यिक कार्यों के लिए कई पुरस्कारों से भी नवाजी गई है. इनमें सरस्वती सम्मान और भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण शामिल हैं. बालमणि अम्मा कमला दास की मां भी हैं, जिन्हें 1984 में साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया.

इसके अलावा अम्मा की पहली कविता कोप्पुकाई, 1930 में प्रकाशित हुई थी. इन सब के अलावा बालमणि अम्मा को कोचीन साम्राज्य के पूर्व शासक परीक्षित थंपुरन से एक प्रतिभाशाली कवि के तौर पर भी पहचान मिली थी. थंपुरन ने उन्हें ‘साहित्य निपुण पुरस्कारम’ से सम्मानित किया गया था.

बालमणि अम्मा की कविताएं और कहानियां

वाला
मथृहृदयम
कूप्पुकई
अम्मा 
कुटुंबनी
धर्ममर्गथिल
स्त्री हृदयम
प्रभंकुरम
भवनईल
ऊंजलींमेल
कालिकोट्टा
भावनाईल
अवार
पेयदुन्नु
प्रणामम
लोकांठरांगलील
सोपनाम
मुथास्सी
अंबलथीलेक्कू
नगरथिल
वाईलारुंम्पोल
अमृथंगमया
संध्या
निवेद्यम

अम्मा की कविताओं में पौराणिक पात्रों और कहानियों को अपनाकर मातृत्व और महिलाओं को शक्तिशाली शख्सियत के रूप में प्रस्तुत किया गया है. उनकी कविताओं के प्रभाव के चलते उन्हें बाद में ‘मातृत्व की कवयित्री’ के रूप में जाना जाने लगा. उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में अम्मा (1934), मुथस्सी (1962) और मजुविंते कथा (1966) शामिल हैं.

बालमणि अम्मा के नाम पर कविता, गद्य और अनुवाद के 20 से अधिक संकलन प्रकाशित हैं. गूगल डूडल के अनुसार बच्चों और पोते-पोतियों के प्रति उनके प्रेम का वर्णन करने वाली उनकी कविताओं ने उन्हें मलयालम कविता की अम्मा (मां) और मुथस्सी (दादी) की उपाधि दी.

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